World Breastfeeding week August celebrated at aam raja tau Atrauli through community meeting by community health officer pawan kumar chauhan
अमृत स्तनपान है जरूरी क्यों अभी जाने
World Breastfeeding Week 2025:
दुनियाभर में हर साल अगस्त महीने का पहला हफ्ता 'वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक' या 'विश्व स्तनपान सप्ताह' के तौर पर मनाया जाता है। इसे 1 अगस्त से 7 अगस्त तक सेलिब्रेट किया जाता है। यह सप्ताह अभी चल रहा है। इस सप्ताह का उद्देश्य, स्तनपान के फायदों और इसकी जरूरत के बारे में लोगों को जागरुक करना है। साथ ही, ब्रेस्टफीडिंग को नॉर्मल और सहज बनाना भी इस हफ्ते का मकसद होता है। आज आयुष्मान आरोग्य मंदिर रजा तऊ अतरौली पर 5 अगस्त 2025 12 बजे दोपहर में विश्व स्तनपान दिवस /सप्ताह मनाया गया जिसमें सभी समुदाय की भागीदारी रही इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और साइकोलॉजिस्ट पवन कुमार चौहान ने संबंधित जानकारी साझा की
AAM Rajatau
इस साल इसका थीम क्या है, इसका इतिहास और महत्व क्या है, चलिए इस बारे में आपको बताते हैं।हर साल विश्व स्तनपान सप्ताह अलग-अलग थीम पर सेलिब्रेट किया जाता है। 2025 के लिए विश्व स्तनपान सप्ताह की थीम
विश्व स्तनपान सप्ताह 2025 का विषय, "स्तनपान को प्राथमिकता दें: स्थायी सहायता प्रणालियाँ बनाएँ", स्तनपान कराने वाली माताओं को सशक्त बनाने वाले दीर्घकालिक, न्यायसंगत सहायता ढाँचे स्थापित करने की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डालता है। आम भाषा में इसे समझा जाए तो ब्रेस्टफीडिंग को सभी मां के लिए आसान बनाना, इस बार इस खास हफ्ते का उद्देश्य है। स्तनपान कराने की यात्रा मां के लिए अलग-अलग चैलेंजेस से भरी हुई हो सकती है। इस सफर में किस तरह परिवार, समाज और हेल्थकेयर प्रोफेशनल नई मां को सपोर्ट कर सकते हैं, इसे समझना जरूरी है
वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक का इतिहास
वर्ल्ड अलायंस फॉर ब्रेस्टफीडिंग एक्शन का गठन 1991 में हुआ था। यह ब्रेस्टफीडिंग को बढ़ावा देने के मकसद से किया गया था। शुरुआत में इसे एक दिन के तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया था। लेकिन, बाद में इसके महत्व को देखते हुए, इसे एक खास सप्ताह के तौर पर मनाया जाने लगा। 1992 में सबसे पहले वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक मनाया गया था।
वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक का मकसद ब्रेस्टफीडिंग के महत्व के बारे में सबको समझना है।
मां का दूध नवजात बच्चे के लिए पूरा आहार होता है।
इससे बच्चों को जरूरी पोषण मिलता है। साथ ही, उनकी इम्यूनिटी विकसित होती है और कई बीमारियों से बचाव होता है।
नई मां के लिए भी बच्चे को ब्रेस्टफीड करना बहुत जरूरी है।
इससे पोस्टपार्टम रिकवरी जल्दी होती है और और ब्रेस्ट कैंसर और ओवरी कैंसर से भी बचाव होता है।
इस पूरे सप्ताह दुनिया भर में कई वर्कशॉप और सेमिनार आयोजित किए जाते हैं ताकि ब्रेस्टफीडिंग के चैलेंजेस पर बात हो सके और इससे जुड़ी सही जानकारी दी जा सके।
स्तनपान जच्चा-बच्चा दोनों के लिए बहुत जरूरी है।
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