Progress Report and Public Welfare Services of Sub-Centre Level Ayushman Arogya Mandir, Rajatau Atrauli aligarh UP india
उपकेंद्र स्तरीय आयुष्मान आरोग्य मंदिर, रजातऊ की कार्य प्रगति एवं जनहित सेवाएं
उपकेंद्र स्तरीय आयुष्मान आरोग्य मंदिर, रजातऊ द्वारा अपने क्षेत्र के आसपास स्थित 6 ग्रामों को निरंतर एवं प्रभावी रूप से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुष्मान भारत – स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र योजना के अंतर्गत यहां 12 प्रकार की आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें निशुल्क चिकित्सकीय परामर्श, निशुल्क आवश्यक दवाएं, एवं गैर-संचारी रोगों (शुगर एवं उच्च रक्तचाप) की नियमित जांच एवं फॉलो-अप शामिल है।
इस व्यवस्था के परिणामस्वरूप क्षेत्र के लाभार्थियों को अब PHC, CHC अथवा जिला अस्पताल में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है, जिससे समय, धन एवं संसाधनों की बचत हो रही है और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच ग्रामीण स्तर पर सुनिश्चित हुई है।
उक्त आयुष्मान आरोग्य मंदिर का संचालन सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी एवं इंचार्ज – पवन कुमार चौहान के नेतृत्व में किया जा रहा है। उनके कार्यकाल में जन सेवाओं की गुणवत्ता एवं सेवा कवरेज में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उल्लेखनीय है कि पवन कुमार चौहान एक अंतरराष्ट्रीय संबंध विशेषज्ञ एवं साइकोलॉजिस्ट हैं, इसके बावजूद उन्होंने देश की गरीब एवं वंचित आबादी को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस पद पर कार्य करना स्वीकार किया।
पवन कुमार चौहान के अनुसार, “यदि मेरे कार्य से किसी भी लाभार्थी को लाभ मिला और उसके चेहरे पर मुस्कान आई, तो मैं अपने जीवन को सफल मानता हूं।” पूर्व में वे WHO से संबद्ध रहे हैं तथा उनके पास विदेश में कार्य करने के अवसर भी थे, परंतु पारिवारिक कारणों से उन्होंने भारत में ही सेवा देना उचित समझा। वर्ष 2022 के पश्चात पोर्टल आधारित व्यवस्था लागू होने से स्वास्थ्य प्रणाली में पारदर्शिता में वृद्धि हुई है, तथापि जमीनी स्तर पर अभी भी कई व्यावहारिक चुनौतियां विद्यमान हैं।
उन्होंने अवगत कराया कि समय पर वेतन, भत्ते एवं इंसेंटिव का भुगतान, वेतन में कटौती, जानबूझकर वेतन अटकाना तथा अंतर-विभागीय समन्वय की कमी जैसी समस्याएं आज भी डेडिकेटेड फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स को मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रभावित करती हैं, हालांकि परिस्थितियां धीरे-धीरे सकारात्मक दिशा में परिवर्तित हो रही हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में रेगुलर केडर का गठन नहीं किया गया तथा जमीनी मुद्दों पर सरकार द्वारा समयबद्ध एवं प्रभावी निर्णय नहीं लिए गए, तो वे मजबूरीवश जिला स्तरीय अस्पतालों में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट की सेवाओं को विकल्प के रूप में प्राथमिकता देने पर विचार कर सकते हैं।
समग्र रूप से, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, रजातऊ ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक सकारात्मक एवं अनुकरणीय मॉडल के रूप में कार्य कर रहा है, जिससे आमजन को सुलभ, सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।



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